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कहानी

कहानी : ये दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या है

अगली सुबह उसने सोचा था कि सब कुछ भूलकर आगे बढ़ूँगा.
संस्मरण

शकुंतला दी– एक संस्मरण

वर्ष 1969, जुलाई के दिन थे। बारिश के बाद के उमस भरे दिन।…
विविधसंस्मरण

अज़रबैजान-बाकू शहर

इमारतों और गुंबदों का शहर बाकूआप किसी देश को कैसे जान…
Allकविता

डॉ. मनोज कुमार की तीन कवितायेँ

1. एक्सप्रेस – वे और पगडंडियाँ आठ लेन की बेहद…
आलेखविमर्श

आजादी के बाद की हिन्दी और कोरियाई कहानियों में व्यक्त जीवन-यथार्थ

विश्व मानचित्र पर एशिया महादेश में स्थित भारत और…
कविता

विनोद शाही की चार कविताएं

1. असुर समय जैसे पृथ्वी के भीतर पृथ्वी नहीं लावा…

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समीक्षा (review)

फिल्म गांधी भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के लोकप्रिय नेता

रिचर्ड एटनबरो द्वारा निर्देशित और 1982 में रिलीज हुई फिल्म गांधी भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के लोकप्रिय…
कविता

डॉ. चंद्रिका चौधरी की छः कवितायेँ

1. अस्तित्व जवाँ थीं जब तकबुढ़ी हड्डियाँखिलातीं, जिलातींपरिवार का प्राण बनउसे ज्यादा मजबूत…
उभरते सितारेकविता

सुमन शेखर की छः कविताएँ

समय का पैर घिसता जाता है स्थिरता मिटती गई अस्थिरता का घर, महल बनता गया चाहा जीवन से केवल संयम जीवन ने…
विविधसंस्मरण

अज़रबैजान-बाकू शहर

इमारतों और गुंबदों का शहर बाकूआप किसी देश को कैसे जान पाते हैं? मेरे ख्याल से एक देश को जानने के लिए वहां…