Latest Posts

समीक्षा (review)

हिरोशिमा के फूल : भविष्य के लिए स्मृतियों का संचयन

हिरोशिमा और नागासाकी की वह परमाणु तबाही, जिसने चंद…
कविता

हरीश अरोड़ा की तीन कवितायेँ

प्रेम में कोई अनुबंध नहीं प्रेम…ना कोई शर्त,ना कोई…
कविता

देवेश पथ सारिया की छः कवितायें

1. फ़िलिस्तीन में विगत कभी अप्रासंगिक नहीं होता वह…
कथेतरविविध

कहानी की दुनिया और निर्मल वर्मा

“निर्मल वर्मा की कहानियों में, कहानी के कहानी होने का…
कविता

विजय राही की पाँच कविताएँ

1.एक स्त्री का सपना पति को सपने आते हैं कारख़ानों…
समीक्षा (review)

मैं वापस आऊंगा : एक धीमी धुन का करुण उत्थान 

मुद्दतों बाद किसी हिंदी फ़िल्म का इंतज़ार किया वरना…

Trending Today

Never miss what people read

कविता

देवेश पथ सारिया की छः कवितायें

1. फ़िलिस्तीन में विगत कभी अप्रासंगिक नहीं होता वह जो आप देखते हैं तस्वीरों में—मलबा या साबुत…
कविता

रजत रानी मीनू की तीन कवितायेँ

1.वे जानते हैं वे जानते हैंअनजान नहीं हैंया जानना नहीं चाहतेहमारी मानवीय गरिमा के हनन की पीड़ाजब अबोध…
कविता

डॉ. चंद्रिका चौधरी की छः कवितायेँ

1. अस्तित्व जवाँ थीं जब तकबुढ़ी हड्डियाँखिलातीं, जिलातींपरिवार का प्राण बनउसे ज्यादा मजबूत…
कविता

विजय राही की कविताएँ 

चाह—१ मैंने चाहा था कि उसकी आँखों में ख़ुद को देखूँ उसके घर में रहूँ अपना घर समझकर लेकिन…