Today’s post feature a movie review under the title The Red Virgin: When Ideology Becomes More Important Than Humanity-by Prosenjit Nath. A disturbing and emotionally powerful story about political obsession, parental control, and the destruction of individuality
The Red Virgin is one of the most psychologically intense and politically layered films in recent years. Inspired by the true story…
आदमी और औरत फिल्म को दादा साहब फाल्के पुरस्कार विजेता तपन सिन्हा द्वारा निर्देशित किया गया थे जिसे…
( जाने वो कैसे लोग थे जिनके प्यार को प्यार मिला!)
जब कभी कोई काम नहीं रहता है तो हम अपनी बुकरैक्स में…
अगर कहूं प्रदीप की कविता में ईश्वर बुदबुदाता है तो ये अतिशयोक्ति जैसा लग सकता है मगर है नहीं।1988 की आत…
दृश्य से दर्शन तक जाती कविताएँ!
स्वाति शर्मा का पहला कविता संग्रह-सोलो ट्रिप पर जाती सखी-पढ़ते हुए कुछ…
डॉक्टर गिरिराज किशोर
यह कहानी डॉक्टर गिरिराज किशोर की समसामयिक कहानियों में से एक है। साहित्य…
अंधकारपूर्ण समय का सबसे मधुर गीत-क़ैद में किताब!
बीसवीं शताब्दी के विश्व प्रसिद्ध जर्मन कवि बर्तोल्त…
“शांति के लिए व्यर्थ अतिरिक्त प्रयास ना करें. अशांति को स्वीकार कर लें तो अपने आप शांत हो जाएंगे”…
रिचर्ड एटनबरो द्वारा निर्देशित और 1982 में रिलीज हुई फिल्म गांधी भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के लोकप्रिय…






















