बीज– बीज, वह जो तपती धूप, उमस, भरी बारिश और झुलसी हुई धरती में भी धैर्य के साथ खुद को जिलाए रखता है । जिसमें अंकुरण की क्षमता है । फूलने-फलने, बढ़ने और छाया…
टुकड़े-कपड़े
आज सुमन पटियाला-कुर्ती सिलने के लिए कपड़े को ज़मीन पर बिछाकर रखी है…






















