उभरते सितारेकहानी 15/02/2026 किरदार और किराया: एक अंतहीन ऑडिशनसुबह की चाय और ठंडी ब्रेड के साथ, वह आईने में अपना अक्स नहीं, ‘किरदार’ ढूंढता है। एक सीलन भरे कमरे में, जहाँ धूप भी किराया माँगकर आती है, वहाँ वह… Read more 0 0 0 Share
कहानी 22/06/2025 लावारिसइकतीस दिसंबर की रात थी। आज मल्टी में भव्य आयोजन था। इसी लिए खाने की तलाश में वह—गोलू—रात दस बजे ही आकर बैठ… 2 43 0 Share