कहानी

कहानी : ये दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या है

अगली सुबह उसने सोचा था कि सब कुछ भूलकर आगे बढ़ूँगा. अब तक जितने भी इरादे उसने खुद से किए थे, सब निभाए थे. उम्मीद थी कि अगली सुबह एक नई सुबह होगी. गमले…
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कहानी

लावारिस

इकतीस दिसंबर की रात थी। आज मल्टी में भव्य आयोजन था। इसी लिए खाने की तलाश में वह—गोलू—रात दस बजे ही आकर बैठ…