यह मैं हूं या शाख पर टिका आखिरी पत्तायह पतझड़ का मौसम या शुष्क हवा जागती सीदेखना है कृशकाया मेरी चीर देगी पवन का रुखया कि रुख़सत होने की घड़ी आ गई…
1 साथ –
पेड़ में लगा गूलर का फूलजैसे नेनुआ के फूल
किसी छप्पर पर बैठेउजास से भर देते हैं
जैसे दिसंबर…






















