कविता 23/03/2025 ललन चतुर्वेदी की कविताएंइरादतन प्रेम उसके बोलने से मात्र ध्वनि संचरित होती हैउसकी आवाज में कोई रंग नहीं होताउसके पैरों की आहट अनजानी सी लगती है उसका देखना सिर्फ देखना… Read more 1 17 0 Share