कविता

शैलेश कुमार की 4 कवितायेँ

1. छठ के बहाने ही सही वापस लौटता हूँ छठ के बहाने ही सहीवापस लौटता हूँअपनी पुरानी चौखट पर चौखटदरवाजे में नहीं लगी होतीदरवाजाचौखट में लगा होता हैऔरकभ…
Read more
कहानी

 टर्निंग पॉइंट

                        बेशक मैं किसी दूसरे स्कूल में अध्यापक था लेकिन फिर भी मुझे प्राचार्य के साथ उस…
विविध

जिगर मुरादाबादी

बात सन 1920 – 21 की रही होगी मेरे दादा( ग्रैंड फ़ादर) मरहूम हर सहाय हितकारी, पेशे से वक़ील, फतेहपुर कचेहरी में…