संस्मरण

रूम-झूम बदरवा बरसै 

बीतें दिनो की एक शाम थीं। हम चार दोस्त अपनी पसंदीदा जगहों में से एक किपलिंग बंगला के खंडहर में मिले। यहां मिलने का मतलब ही होता है कि हम अपने-अपने जीवन में…
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कहानी

उड़न छू

…एक तो महामारी ऊपर से कमबख्त लॉकडाउन ! जहां दुनिया-भर  की हालत पतली हो गई थी, वहीं उपजी परिस्थियों ने अम्बा…
कविता

Buried, But Breathing

four poems by Prosenjit Nath Today’s post feature four poems under the title Buried, But Breathing by Prosenjit Nath. He explores the inner landscapes of thought, culture, and identity with clarity and passion in following pieces where personal experiences are…
कहानी

         टेढ़ी उंगली

          वह लंबा, पतला और कमजोर है। यूं समझो बिल्कुल सीख सलाई-सा। सांवला रंग, सिर पर घने-काले बाल ! ऊंची उठी नाक…
आलेखविमर्श

आजादी के बाद की हिन्दी और कोरियाई कहानियों में व्यक्त जीवन-यथार्थ

विश्व  मानचित्र पर एशिया  महादेश में स्थित भारत और दक्षिण कोरिया के बीच सांस्कृतिक, ऐतिहासिक,भौगोलिक व…
कहानी

 टर्निंग पॉइंट

                        बेशक मैं किसी दूसरे  स्कूल में अध्यापक था लेकिन फिर भी मुझे प्राचार्य के साथ उस…