कविता

रजत रानी मीनू की तीन कवितायेँ

1.वे जानते हैं वे जानते हैंअनजान नहीं हैंया जानना नहीं चाहतेहमारी मानवीय गरिमा के हनन की पीड़ाजब अबोध बच्चे इन्द्रजीत मेघवाल कोपीटा जाता हैअछूत जाति…
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रक्षाबंधन 

इस बार भी बंधे हैं बहनों के धागे मेरी कलाई में चमकीले, मोतियों जड़े लाल लाल रंग के नाड़ियों में…
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1. कविता

रोज की बंधी-बंधाई दिनचर्या से निकली ऊब नहीं है कविता दिनचर्या एक बेस्वाद च्यूंइगम है जिसे बेतरह…
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पांच कवितायेँ

तुम और कवितायें चट्टान पर जो आज कुछ नम सी लगी मुझे ।तुम अनदेखा करते रहे दो आँखें, जो तुम्हें देखने के लिए…