कविता

हरे प्रकाश उपाध्याय की छः कवितायेँ

ज़िंदगी जैसे रेलगाड़ी है भाई एक ही थाली में खाते थे चारों भाईशाम को एक ही तख्त पर करते पढ़ाई कभीमुहब्बत तो कभी होती लड़ाई वक्त की आंधी जो आईउड़…
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कविता

भीत (दीवार)

ये भीत हमारी हैऔर इसमेंये टांगी हुईतस्वीर उसकी है भीत में दरारें हो गई हैतुम भी देखोगेमगर बोलना मतरंग…
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बाल कविताएं भाग -3

दादी भी स्मार्ट हुईं बदल गया है और जमानाबदल गई हैं दादी भीपहले वाली नहीं है बंदिशमिली उन्हें आजाद…
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सर्द रात का आदमी

सुनाई देती है मुझे सर्द रातों में ठंड सेकड़कड़ाते हुए लोगों की आहटें ,और देखता हूँ थरथराते हुएउनके नंगे बदन…
कविता

बाल कविताएं भाग -2

पापा आते जब दफ़्तर से पापा आतेकितनी सारी चीज़ें लाते कभी वो लाते काजू बर्फ़ीकभी वो लेकर आयें कुल्फी देते…
कविता

कवि‌ का फर्ज़

भूल गएं हैं हम, कवि का फर्ज़अरे! लिखो सच्चाई क्या है हर्ज़ लिखो तुम अबला का विलापमासूमों का दर्द, परिवार…
कविता

।   सात दिन ।

मैं तुमसे बातें करना चाहता हूंजब एकांत में तुम्हे पाता हूंतुम बहुत कुछ मुझे समझा जाती हो,मगर पलकें तक न…
कविता

गले न लगा

मेरे सफेद दामन पर तू दाग न लगा ,मेरा नहीं बन सकता तो तू इल्ज़ाम न लगा । तूने जो कुछ भी कहा मैंने सब सुन लिया…
कविता

आशा जगातीं दो अनुवादित कविताएं भाग -1 मैक्स एरमन की कविता डेसिडराटा का हिंदी अनुवाद मनोकामनाएं

मनोकामनाएं मैक्स एरमन शोर और जल्दबाजी में चलो शांत भाव से,रखो याद कि मौन में संभव है बेपनाह…
कविता

बचपन

बचपन ख़्वाब बुनता था बचपन में कभी जो मैं अब उन ख़्वाबों को याद करता हूँ न जाने कहाँ खो गया बचपन…