1. अप्रासंगिक
मिलना जितना अनिश्चित और अकस्मात रहा
उतना ही नियोजित था मानो अपरिचित होना
एक उदास शाम और बेचैन रात के बिल्कुल बीच
कभी न कभी खाली होना ह…
वायलिन कहाँ है आपका प्रेम उस्ताद!और घोड़े की पूँछ के बालों से बना उसका वह धनुषऔर वह माइक भी जो आपके कंठ से…
प्रेम में कोई अनुबंध नहीं
प्रेम…ना कोई शर्त,ना कोई उत्तरदायित्व का दस्तावेज़ —जैसे चाँदनी उतरत…
1. फ़िलिस्तीन में विगत कभी अप्रासंगिक नहीं होता
वह जो आप देखते हैं तस्वीरों में—मलबा या साबुत…
1.एक स्त्री का सपना
पति को सपने आते हैं कारख़ानों केजिनमें काम किया था उसने तमाम उम्र
ससुर के सपने में…
१.इतना शोर
सुनना इच्छा पर निर्भर करता है
कोई जरूरी नहीं कि
बोलने की तड़प पत्थर को गला ही दे
अब तो इतन…
1.वे जानते हैं
वे जानते हैंअनजान नहीं हैंया जानना नहीं चाहतेहमारी मानवीय गरिमा के हनन की पीड़ाजब अबोध…
1. छठ के बहाने ही सही वापस लौटता हूँ
छठ के बहाने ही सहीवापस लौटता हूँअपनी पुरानी चौखट पर
चौखटदरवाजे में…
1. एक्सप्रेस – वे और पगडंडियाँ
आठ लेन की बेहद चौड़ी सड़क.
फर्राटेदार गुजरती गाड़ियां
साफ़ सुथर…
1. असुर समय
जैसे पृथ्वी के भीतर
पृथ्वी नहीं लावा है
चीजों के भीतर
हलचल ऊर्जा की
कि जैसे किसी भी दिशा…
1. मैं न आऊं लौटकर तो
मैं न आऊं लौटकर तो
तुम गाॅंव के जवानों
के पाॅंव की माटी
की टुकड़…
1. अस्तित्व
जवाँ थीं जब तकबुढ़ी हड्डियाँखिलातीं, जिलातींपरिवार का प्राण बनउसे ज्यादा मजबूत…
माँ तुम नहीं हो
पर मुझमें ही कहीं हो।
मैं गाती गीत
स्वर तुम्हारा होता
आँखे मेरी, आँसू…
चाह—१
मैंने चाहा था कि
उसकी आँखों में ख़ुद को देखूँ
उसके घर में रहूँ अपना घर समझकर
लेकिन…
इरादतन प्रेम
उसके बोलने से मात्र ध्वनि संचरित होती हैउसकी आवाज में कोई रंग नहीं होताउसके पैरों की आहट…
गहरे अंतरिक्ष में, जहाँ इंसान की कल्पना भी पहुँचने से डरती है, वहाँ एक ऐसा ग्रह था जो पृथ्वी से बिल्कुल अलग…
एकालाप
1.
स्मृति में होती है बारिश
और भीग जाती है देह
कोई सपना आँखों से बह निकलता
प्रतीक्षा के घने…






















